देहरादून 10 जनवरी। अंकिता हत्याकांड प्रकरण में वीआइपी का नाम उजागर करने के लिए शुक्रवार को वसंत विहार थाने में एक मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस महानिदेशक को दी गई शिकायत में डॉ. अनिल प्रकाश जोशी पर्यावरणविद पद्मभूषण ने कहा कि वर्तमान में चल रही चर्चाओं में अंकिता भंडारी हत्याकांड में कुछ अज्ञात व्यक्तियों, जिन्हें वीआइपी के रूप में संदर्भित किया जा रहा है, के विरुद्ध एक स्वतंत्र अपराध में संलिप्त होने का आरोप लगाया जा रहा है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को ही अंकिता भंडारी प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी थी । अब केंद्र सरकार को मामले में फैसला लेना है। इससे पहले अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दाैरान सीबीआई जांच का अनुरोध किया था।
जानकार लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि डॉ अनिल प्रकाश जोशी अचानक कहाँ से प्रकट हो गए हैं , इससे पहले उन्होंने कभी भी VIP को लेकर कोई आवाज नहीं उठाई, तो अचानक उनका जमीर कैसे जागा ? क्या इसके पीछे एक सोची समझी नीति तो नहीं है ?
अंकिता भंडारी प्रकरण में मचे सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री ने माता-पिता से बातचीत के बाद उनकी भावनाओं के अनुरूप मामले में निर्णय लेने का भरोसा दिलाया था। दो दिन पहले अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी और पिता वीरेंद्र भंडारी ने सीएम से मुलाकात की थी। अब प्रदेश सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है।
खास बात यह है कि सितंबर 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या में एसआईटी जांच के बाद न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई लेकिन 15 दिन पहले हत्या प्रकरण से जुड़े एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने फिर से तूल पकड़ा। ऑडियो में कुछ नेताओं के नाम सामने आने पर सियासी भूचाल आ गया था ।