ऋषिकेश 14 फरवरी। शुक्रवार देर रात डायल 112 के माध्यम से लक्ष्मनझुला पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि कुछ श्रद्धालु नीलकंठ महादेव मंदिर से दर्शन कर लौटते समय पैदल मुख्य मार्ग से भटककर घने वन क्षेत्र में चले गए हैं। अंधेरा एवं दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वे अपना सटीक स्थान बताने में असमर्थ थे। सूचना की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए थाना लक्ष्मणझूला पुलिस द्वारा त्वरित एवं आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की गई। पुलिस टीम ने कॉलर से निरंतर संपर्क बनाए रखते हुए मोबाइल लोकेशन ट्रैक की तथा प्राप्त तकनीकी इनपुट के आधार पर संभावित स्थान का आकलन किया। लोकेशन विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि सभी श्रद्धालु राजाजी नेशनल पार्क के अंतर्गत, विंध्यवासिनी मंदिर के समीप महादेव पानी क्षेत्र में फंसे हुए हैं उक्त क्षेत्र वन्यजीवों की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील, टाइगर रिजर्व का हिस्सा तथा भौगोलिक रूप से अत्यंत जोखिमपूर्ण है।
परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए लक्ष्मणझूला पुलिस द्वारा तत्काल वन विभाग से समन्वय स्थापित कर संयुक्त रेस्क्यू टीम का गठन किया गया। आवश्यक उपकरणों एवं सुरक्षा संसाधनों के साथ रात्रि में ही जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया गया। घने जंगल, पथरीले मार्ग, अंधकार तथा वन्यजीवों की संभावित गतिविधियों के बीच पुलिस एवं वन कर्मियों ने पूरी सतर्कता, संयम एवं साहस का परिचय देते हुए अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। जिसके पश्चात गठित टीम के संयुक्त प्रयासों से सभी राह भटके श्रद्धालुओं को सकुशल खोजकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। रेस्क्यू उपरांत श्रद्धालुओं द्वारा पुलिस एवं वन विभाग की त्वरित एवं संवेदनशील कार्यवाही के लिए आभार व्यक्त किया गया।
रेस्क्यू किए गए श्रद्धालुओं में चमन लाल पुत्र सुल्तान सिंह ,कुलदीप पुत्र पवन कुमार ,साहिल पुत्र महावीर,गोविंद पुत्र रणधीर,मनीष पुत्र सुल्तान
निवासी- ग्राम जुरासी खालसा, थाना सिमालखा जिला पानीपत हरियाणा हैं ।
पुलिस की रेस्क्यू टीम वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रकाश पोखरियाल के साथ उपनिरीक्षक श्रीनवीन पुरोहित,होमगार्ड मोहित व PRD जवान कुंवर प्रताप शामिल थे। वन विभाग की टीम में आरक्षी गौरव,आरक्षी हरि सिंह,आरक्षी केशव,बीट सहायक सुरेंद्र शामिल थे।