चमोली। अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि बदरीनाथ धाम में भी चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने जांच के आदेश दे दिए हैं। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि मंदिर समिति ने आरोपों को अत्यंत गंभीरता से लिया है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
किसने लगाया आरोप
भैरव सेना के संगठन ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष से जुड़े कर्मचारी पर आर्थिक हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने शुक्रवार को बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन रांगड़ को ज्ञापन भेजकर आरोपों की जांच कराने की मांग उठाई।
ज्ञापन में कहा गया है कि बदरीनाथ मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में अनियमितता और आर्थिक हेराफेरी हुई है, जिसके लिए संबंधित कर्मचारी की भूमिका की जांच आवश्यक है। संगठन ने मामले में प्रशासनिक और विधिक कार्रवाई करने की भी मांग की है। हालांकि, संगठन की ओर से भेजे गए पत्र में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कथित आर्थिक हेराफेरी किस प्रकार की है और उसमें कितना नुकसान हुआ है।
बदरीनाथ धाम को देश के चारों धाम में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है और देश-विदेश के करोड़ों लोगों की आस्था इससे जुड़ी हुई है। ऐसे में यदि बदरीनाथ मंदिर के भीतर ही चढ़ावे और दान के पैसों में हेराफेरी के आरोप लगते हैं तो यह बेहद चिंताजनक है। यही वजह है कि अयोध्या में दान चोरी प्रकरण के बाद बदरीनाथ व केदारनाथ धाम सहित अन्य मंदिरों की व्यवस्था को देखने वाली समिति भी सर्तक हो गई है। इसी कड़ी में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ की ओर से जारी आदेश में समिति के अधीनस्थ मंदिर, धर्मशाला, कार्यालयों व खजाने में प्रभारी अधिकारियों को गाइडलाइन जारी कर पारदर्शिता बरतने को कहा गया है।
अधिकारियों को विशेष सर्तकता बरतने के साथ निगरानी रखने के लिए भी कहा गया है। साथ ही आगाह किया गया है कि किसी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।