उत्तराखंड एसटीएफ को मिली बड़ी सफलता
देहरादून 25 जुलाई। उत्तराखंड एसटीएफ ने शुक्रवार को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र में दर्ज एक मामले में कार्रवाई करते हुए
राजस्थान के अकोला, चित्तौड़गढ़ निवासी रवि पाटवा पुत्र सम्पत लाल पाटवा निवासी वार्ड नं0-6. मोहल्ला गांव अकोला को गिरफ्तार करके उसे कोर्ट में पेश किया , जहाँ से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मामले की जानकारी देते हुए विवेचना निरीक्षक धीरेंद्र कुमार पंत ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ पंकज कुमार सती ने केस दर्ज किया था, तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध केस दर्ज किया। अभियुक्त ने वादी को WhatsApp के माध्यम से संपर्क कर शेयर ट्रेडिंग में लाभ का झांसा दिया था , व खुद को एक प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कम्पनी का प्रतिनिधि बताकर 18 मार्च 2025 से से 30अप्रैल 2025 के बीच कुल ₹92,04,775/- की ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी की ।
पुलिस ने बताया कि विवेचना के दौरान तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच एवं लाभार्थी खाताधारकों के बयानों के आधार पर रवि पाटवा पुत्र सम्पत लाल पाटवा, निवासी वार्ड नं. 6, मोहल्ला गांव अकोला, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) की घटना में संलिप्तता प्रकाश में आई। जांच के दौरान पता चला कि अभियुक्त अन्य साइबर धोखाधड़ी के प्रकरण में जिला कारागार भोंडसी, गुरुग्राम (हरियाणा) में निरुद्ध है। इसके उपरांत न्यायालय से वारंट-बी प्राप्त कर एसटीएफ की टीम द्वारा अभियुक्त को भोंडसी जेल से अभिरक्षा में लेकर माननीय न्यायालय, रुद्रपुर में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेशानुसार अभियुक्त को इस अभियोग में 14 दिवस की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया है। अभियुक्त से पूछताछ एवं उसके डिजिटल एवं वित्तीय नेटवर्क का परीक्षण किया जा रहा है। प्रकरण में अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच जारी है।
अभियुक्त का आपराधिक इतिहास
1. Fir no 68/2025 थाना पंचकूला धारा 318 (4)/61 (2)/3 (5) बीएनएस व 66 डी आईटी एक्ट
2. Fir no 120/2025 थाना गुरुग्राम धारा 318 (4)/61 (2)/3 (5) बीएनएस व 66 डी आईटी एक्ट
3. Fir no 11/2025 धारा 318 (4)/61 (2)/3 (5) बीएनएस व 66 डी आईटी एक्ट
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तराखण्ड ने आमजन से अपील की है कि शेयर ट्रेडिंग, निवेश अथवा अत्यधिक लाभ का लालच देने वाले किसी भी अनजान व्यक्ति, WhatsApp/Telegram ग्रुप अथवा सोशल मीडिया विज्ञापन पर विश्वास न करें। निवेश करने से पूर्व संबंधित कम्पनी एवं प्लेटफॉर्म का सत्यापन अवश्य करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें।