नई दिल्ली 25 जुलाई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों और विपक्ष का द्वारा लगातार प्रदर्शन किया जा रहा था।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के इस आंदोलन की शुरुआत 6 जून को हुई थी। इसमें पहली मांग ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की रखी गई थी। साथ ही नीट पेपर लीक की वजह से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देना भी आंदोलन में एक मांग के तौर पर रखा गया था। अब इसी कड़ी में प्रधान का इस्तीफा हुआ है।
इस बीच धर्मेंद्र प्रधान ने एक पत्र जारी कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी है। उन्होंने पत्र में कहा है कि वह पिछले 4 दशक से भी अधिक वक्त से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं।प्रधान ने कहा कि वह देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी अपेक्षाओं का सम्मान करते हैं और भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के सामाजिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है।