अल्मोड़ा 31 अगस्तअधिशासी निदेशक ग्रास भूपेन्द्र चौहान ने बताया कि अल्मोड़ा, ग्रामीण समाज कल्याण समिति (ग्रास) तल्ला चीनाखान द्वारा 25 अगस्त, 2026 से 31 अगस्त, 2026 तक। उत्तराखण्ड़ महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से मुख्यमंत्री सतत् आजीविका योजना के अंतर्गत ग्राम उज्यौला, फफना, पोखरी के 25 महिला लाभार्थियों को मधुमक्खी पालन 7 दिवसीय प्रशिक्षण जसकोट में समापन किया गया है।
इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर पूरन सिंह कनवाल एवं हिमांशु पंत के द्वारा प्रतिदिन चार घंटा प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें प्रयोगात्मक कार्य मौनपालक शंकर सिंह मनराल फफना के निवास स्थान पर किया गया एवं मधुमक्खी पालन का शैक्षिक भ्रमण भी कराया गया। ताकि लाभार्थियों को इस प्रशिक्षण का उपयुक्त लाभ प्राप्त होगा एवं महिलाओं के लिए स्वरोजगार स्थापित किया जा सकेगा। शहद का प्रयोग सभी त्योहारों, पूजा कर्मो एवं मनुष्य के जन्म से मृत्यु तक आवश्यक बताया गया है। इसके अलावा इससे पेड़-पौधों के परागण के द्वारा फसल की पैदावर में भी वृद्धि होती है।
मधुमक्खी पालन सभी वर्गो के किसान, भूमि हीन बेरोजगार, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोग, नौकरीपेशा सभी लोगो द्वारा भी किया जा सकता है। हल्के काम की वजह से इसे बच्चो व स्त्री द्वारा भी किया जा सकता है। जिससे वे अपने पैरों में खड़े हो सकते है। उत्तराखण्ड़ महिला सशक्तिकरण बाल विकास विभाग द्वारा भविष्य में इन लाभार्थियों को रोजगार हेतु सहयोग प्रदान किया जा सकता है। कृषि एवं सब्जी उत्पादन के साथ मौनपालन एक अहम एवं बिना लागत के लाभ देने वाला व्यवसाय है। केवल इनकी नियमित देख रेख, जाड़ो एवं बरसात में इनके भोजन की उचित व्यवस्था करने का ध्यान मौनपालक को रखना पड़ता है। मास्टर ट्रेनर ने लाभार्थियों को प्रशिक्षण देते हुए बताया कि मौन बॉक्स उत्पादन की एक उत्तम विधि हैं। एपिस सेराना इण्डिका (भारतीय मधुमक्खी) की प्रजाति एक वर्ष में कम से कम 10 किलो शहद का उत्पादन देती हैं जिसका बाजार मूल्य 12000 रूपया है। इसको लघु उद्योग के रूप में किया जा सकता है।
इस कार्यक्रम में संस्थाध्यक्ष गोपाल सिंह चौहान, ग्राम प्रधान, उज्यौला, नेहा बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य ज्योति बिष्ट, सरिता किरौला, शिवराज सिंह, जीवन सिंह बिष्ट, प्रेम सिंह मनराल एवं नीतू बिष्ट, कमला देवी, कविता बिष्ट, गंगा देवी, मुन्नी देवी, आषा बिष्ट, हेमा तिवारी सहित समस्त लाभार्थी उपस्थित थे।