देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष ने शनिवार को एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि उन्होंने कैबिने मंत्री रेखा आर्य का रोते हुए वीडियो देखा है, जिसपर उन्हें रेखा आर्य से सहानुभूति है, वीडियो को देखकर यदि उनके साथ प्रताड़ना हुई है, तो एक उत्तराखंड की बेटी होने के नाते उनके प्रति हमारी पूरी सहानुभूति है। किसी भी महिला के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
लेकिन दूसरी ओर, उनके पति को लेकर ₹210 करोड़ की कथित बेनामी संपत्ति और स्कूली बच्चों के मिड-डे मील के राशन से जुड़े गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। इन आरोपों की सच्चाई सामने आनी चाहिए। रेखा आर्य और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस मामले पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए।
रेखा आर्य प्रदेश की कैबिनेट मंत्री हैं, इसलिए मामला केवल सहानुभूति तक सीमित नहीं रह सकता। पद की गरिमा और जनहित को देखते हुए मुख्यमंत्री को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच पूरी होने तक मंत्री पद से इस्तीफे की मांग पर भी विचार होना चाहिए। उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के सवालों पर सरकार को जवाब देना होगा। आरोप किसी के भी खिलाफ हों, सच सामने आना चाहिए और दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।