वर्ष 2025 में लंबित केसों में आयी 48812 केसों की कमी
काशीपुर 06 मार्च । उत्तराखंड के न्यायालयों में वर्ष 2026 के प्रारम्भ में 3 लाख 35 हजार 422 केस लंबित थे जो 2025 के प्रारंभ में लंबित केसों की संख्या से 48812 केस कम हैं। वर्ष 2025 में उत्तराखंड के 9 जिलों में लंबित केसों में कमी आयी है जिसका कारण फाइल होने वाले केसों की संख्या से अधिक संख्या में केसों का निपटारा करना हैं। यह जानकारी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के लोक सूचना अधिकारी द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुई है।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के लोक सूचना अधिकारी से वर्ष 2025 में लंबित, दायर तथा निपटाये गये केसों के विवरणों की सूचना चाही थी। इसके उत्तर में लोक सूचना अधिकारी/ज्वाइंट रजिस्ट्रार एच.एस.जीना ने अपने पत्रांक 833 के साथ विवरणों की सत्यापित फोटो प्रतियां उपलब्ध करायी है।
नदीम को उपलब्ध कराए गए विवरणों के अनुसार वर्ष के प्रारंभ में 01 जनवरी 2025 को उच्च न्यायालय में 55323 केस लंबित थे जो 31 दिसम्बर 2025 को बढ़कर 59416 हो गये जबकि उत्तराखंड उच्च न्यायालय के अधीनस्थ न्यायालयों (जिलो के न्यायालयों) में 328911 केस वर्ष के प्रारंभ में लंबित थे। वर्ष के अंत में घटकर 276006 केस रहे गये। उत्तराखंड के उच्च न्यायालय तथा अधीनस्थ न्यायालयों में 2025 के प्रारंभ में लंबित कुल 384234 केसों में से वर्ष 2025 में 48812 केस कम होकर कुल 335422 केस लंबित रह गये।
उत्तराखंड के अधीनस्थ न्यायालयों में 31 दिसम्बर 2025 में लंबित कुल 276006 केसों में सर्वाधिक 95298 केस देहरादून जिले में, दूसरे स्थान पर 77755 केस हरिद्वार जिले में तथा तीसरे स्थान पर 56769 केस उधमसिंह नगर जिले में लंबित थे। अन्य जिलों में अल्मोड़ा में 1938, बागेश्वर में 493, चमोली में 1075, चम्पावत में 1563, नैनीताल में 23437, पौड़ी में 10868, पिथौरागढ़ में 2031, रूद्रप्रयाग में 351, टिहरी में 3207 तथा उत्तरकाशी में 1221 केस लंबित थे।
उत्तराखंड के जिलों में लंबित केसों में केवल 4 जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली तथा पौड़ी में ही थोढ़ी बढ़ोत्तरी हुई है अन्य सभी जिलों में कमी आयी है। अल्मोड़ा में वर्ष के प्रारंभ की अपेक्षा वर्ष के अंत में 92 लंबित केसों, बागेश्वर में 47, चमोली में 48 तथा पौड़ी में 91 केसों की बढ़ोत्तरी हुई है। जबकि अन्य सभी जिलों में लंबित केसों में कमी हुई है इसमें सर्वाधिक 19544 केस हरिद्वार जिले, दूसरे स्थान पर 18857 केस देहरादून जिले तथा तीसरे स्थान पर 9808 केस उधमसिंह नगर जिलों तथा चैथे स्थान पर 2961 केस नैनीताल जिले में कम हुये हैं। अन्य जिलों में 1126 केस चम्पावत, 394 पिथौरागढ़, 83 रूद्रप्रयाग, 260 टिहरी ततथा 143 उत्तरकाशी जिले में शामिल है।
लंबित केसों में कमी आने का प्रमुख कारण वर्ष में दायर होने वाले केसों की अपेक्षा अधिक संख्या में केसों का निपटारा करना है। वर्ष 2025 में कुल 240248 केस फाइल हुये हैं जबकि निपटारा 289060 केसों का किया गया है जो फाइल हुये केसों का 120 प्रतिशत है। जहां उच्च न्यायालय में दायर केसों की अपेक्षा 82 प्रतिशत केसों का निपटारा हो पाया है वहीं अधीनस्थ न्यायालयों में 124 प्रतिशत केसों का निपटारा हो पाया है। जिलों में अल्मोड़ा में दायर केसों की संख्या के 97 प्रतिशत केसों का निपटारा हुआ हैं जबकि बागेश्वर में 96, चमोली में 98, चम्पावत में 139, देहरादून में 120, हरिद्वार में 159, नैनीताल में 115, पौड़ी में 99, पिथौरागढ़ में 107, रूद्रप्रयाग में 105, टिहरी में 104, उधमसिंह नगर में 128 तथा उत्तरकाशी जिले में 107 प्रतिशत केसों का निपटारा किया गया है।