देहरादून .उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर बड़े आरोप लगाए हैं । कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री पर उत्तराखंड की बेशकीमती सरकारी जमीनों और ऐतिहासिक धरोहरों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाया है। कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने दावा किया कि इन संपत्तियों को लेकर लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों पर स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंजूरी दी है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने इसके विरोध में प्रदेशभर में ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ अभियान’ शुरू किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्यपाल से मिलकर फैसले निरस्त करने की मांग करेंगे और जरूरत पड़ने पर उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।सैलजा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य की 40 सरकारी जमीनों और ऐतिहासिक धरोहर भवनों को बिक्री के लिए रखा गया है तथा 13 में से 12 जिलों की संपत्तियों को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने दावा किया कि इन संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य कम से कम एक लाख करोड़ रुपये है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी विभागों की करीब 1,080 एकड़ जमीन होटल और निवेश परियोजनाओं के नाम पर निजी हाथों में सौंपने का रास्ता मुख्यमंत्री के दो अनुमोदनों से खुला। सैलजा के मुताबिक, जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री ने नैनीताल के पटवाडांगर, चकराता के नगऊ, धनौल्टी और टिहरी के मगरा की जमीनें होटल एवं रिसॉर्ट के लिए देने की मंजूरी दी थी। इसके बाद नवंबर 2025 में ई-फाइल पर भी मुख्यमंत्री की डिजिटल मंजूरी दर्ज हुई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल की 633 एकड़, विकासनगर के डाकपत्थर की करीब 190 एकड़ और एचएमटी रानीबाग की 53 एकड़ जमीन समेत कई अन्य संपत्तियों को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।