चारधाम यात्रा 2026 में गैर सनातनियों का प्रवेश बर्जित

मंदिर समिति ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

देहरादून 11 मार्च। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से शुरू होगी । इस बीच चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने बड़ा फैसला लिया है। मंदिर समिट ने फैसला लिया है कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में इस वर्ष से गैर सनातनी का प्रवेश वर्जित रहेगा। मंदिर समिति के एक पदाधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।

अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यह फैसला अगले महीने शुरू हो रही यात्रा से लागू होगा और अब गैर सनातनी, मंदिर परिसरों और गर्भगृहों में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इससे पहले उन्होंने कहा था कि गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की व्यवस्था आदि शंकराचार्य के समय से ही है और भारतीय संविधान भी धार्मिक स्थलों के प्रबंधन का अधिकार देता है।

बदरीनाथ और केदारनाथ धाम
बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल और केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे। चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व से होगी जब गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे।

गंगोत्री धाम
उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में भी गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। श्री गंगोत्री मंदिर समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया था। यह प्रतिबंध न केवल गंगोत्री धाम पर बल्कि मां गंगा के शीतकालीन निवास मुखबा पर भी लागू होगा। श्री गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि धाम में गैर-हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध देवी के शीतकालीन निवास मुखबा पर भी लागू रहेगा।

गंगोत्री धाम
उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध न केवल गंगोत्री धाम पर बल्कि मां गंगा के शीतकालीन निवास मुखबा पर भी लागू होगा।

इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड सरकार हरिद्वार के 120 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले 105 घाटों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने पर विचार कर रही है। यह कदम कुछ संतों और गंगा सभा के अनुरोधों के जवाब में उठाया जा रहा है। राज्य सरकार कथित तौर पर हरिद्वार और ऋषिकेश दोनों को “सनातन पवित्र शहर” (पवित्र नगर) घोषित करने की योजना बना रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *