सोमेश्वर 16 अगस्त। अल्मोड़ा के सोमेश्वर में चिता को रखने के लिए बनाए गए स्थान पर टेबिल टेनिस खेलते ये बच्चे कही के नहीं बल्कि सोमेश्वर के शहीद बिशन सिंह बोरा अटल उत्कृष्ट जीआईसी सोमेश्वर के 8 th 9th कक्षा के हैं। स्कूल में खेलने की कोई सुबिधा न होने के कारण इन्हें रविवार का दिन प्रैक्टिस के लिए त्रिवेणी घाट सोमेश्वर में जहाँ शव को रखा जाता है उसमें अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए अभ्यास करने पर मजबूर हैं । मजेदार बात ये है कि हाल ही में यहाँ की विधायक और उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य ने 2036 ओलंपिक के लिए कावड़ उठाते हुए कहा था कि में यही मुराद मांगती हूँ कि 2036 ओलंपिक भारत में हूँ।
गौरतलब है कि पिछले 12 सालों से सोमेश्वर विधानसभा का प्रतिनिधित्व खेल मंत्री रेखा आर्य करती आ रही हैं मगर फिर भी खिलाड़ियों के लिए न ंतो कोई खेल का कमरा उपलब्ध हैं और न ही अभ्यास के लिए कोई ग्राउंड । सोमेश्वर के युवा अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन टेबल टेनिस जैसे खेलों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव आज भी एक बड़ी चुनौती है।
प्रतिभाशाली खिलाड़ी सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को जिंदा रखे हुए हैं। जब खेल मंत्री के अपने क्षेत्र के खिलाड़ी ही बेहतर खेल सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे हों, तो खेल विकास के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सोमेश्वर के युवाओं को सिर्फ़ आश्वासन नहीं, बल्कि खेल हॉल, आधुनिक उपकरण, नियमित प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाएँ चाहिए। अगर उन्हें आज सही अवसर मिलें, तो यही खिलाड़ी कल उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करेंगे। “प्रतिभा की कमी नहीं, सुविधाओं की कमी है।
हाल ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की ताइक्वांडो खिलाड़ी ने डेढ़ लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया था । संवाद कार्यक्रम में छात्रा यह कहती नजर आ रही थी कि उसे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए डेढ़ लाख रुपये मांगे जा रहे थे, जिस कारण वह प्रतियोगिता में हिस्सा लेने नहीं जा सकी।