लोहाघाट 19 जनवरी। लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस जैसे ही बस अड्डे से काशीपुर के लिए निकली, मात्र 10 मीटर चलने पर ब्रेक फेल हो गए। बस पूरी तरह सवारियों से भरी थी। चालक नंदन सिंह फर्त्याल ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को परिसर की रेलिंग तोड़कर सामने दीवार से टकरा दिया, जिससे बस भीड़भाड़ वाले राष्ट्रीय राजमार्ग में नहीं गई और बड़ा हादसा टल गया। कुछ देर हाईवे बाधित रहा, फिर यात्रियों को दूसरी बस से रवाना किया गया।
चालक का कहना है कि बस की जांच वर्कशॉप में कराई गई थी, लेकिन स्टार्ट करते ही प्रेशर लीक हुआ और ब्रेक जवाब दे गए। इलाके में नाराजगी इसलिए भी है क्योंकि लोग कह रहे हैं कि डिपो को 15–20 नई बसों की सख्त जरूरत है, लेकिन सरकार की तरफ से फिलहाल सिर्फ 2 नई बसें मिली हैं। बताया जा रहा है कि 33 बसों के बेड़े में से 11 बसें अपना समय पूरा कर चुकी हैं, फिर भी उन्हें सड़कों पर चलाया जा रहा है। कुछ दिन पहले लोहाघाट से देहरादून जा रही बस में देहरादून में आग लगने की घटना का जिक्र भी लोग कर रहे हैं, जिससे भरोसा और टूटता है।