अल्मोड़ा (विशेष संवाददाता)। कुमाऊं के पहाड़ी क्षेत्रों में खस्ताहाल सड़कों की वजह से होने वाली परेशानी अब खत्म होने वाली है। अल्मोड़ा जिले की अत्यंत महत्वपूर्ण मरचूला-सराईखेत सड़क के 35 किलोमीटर लंबे हिस्से के पुनर्निर्माण, चौड़ीकरण और डामरीकरण के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (सीआरएफ) से 21 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर जारी कर दी है। धनराशि मिलते ही लोक निर्माण विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और बहुत शीघ्र निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है।
यह सड़क अल्मोड़ा शहर को रामनगर, रानीखेत और दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने वाली जीवनरेखा है। हर रोज सैकड़ों यात्री बसें, स्कूली वाहन, मालवाहक गाड़ियां और पर्यटकों के वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं। लेकिन पिछले कई वर्षों से सड़क की जर्जर हालत के कारण लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। कई जगहों पर सड़क इतनी संकरी और टूट-फूट वाली थी कि दो वाहन एक साथ निकलना भी मुश्किल हो जाता था। बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाता और जाम के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था।

स्थानीय लोगों, व्यापारियों, स्कूली बच्चों और पर्यटकों ने लंबे समय से इस सड़क को दुरुस्त करने की मांग की थी। क्षेत्रीय विधायक और जनप्रतिनिधियों ने भी शासन-प्रशासन से लगातार इसकी गुहार लगाई थी। आखिरकार लोगों की मांग रंग लाई और लोक निर्माण विभाग ने विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही 21 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई।
लोनिवि के मुख्य अभियंता डी.एस. ह्यांकि ने बताया, “सीआरएफ योजना के तहत धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और ठेकेदार को कार्यादेश जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बहुत जल्द सड़क का सुधारीकरण कार्य शुरू हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि इस राशि से न केवल सड़क का डामरीकरण और मरम्मत होगी, बल्कि कई महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे।
इन कार्यों पर खर्च होगी 21 करोड़ की राशि
सड़क का पूरा 35 किमी हिस्सा डामरीकृत किया जाएगा।
संकरे और खतरनाक मोड़ों पर सड़क का चौड़ीकरण।
दुर्घटना संभावित स्थानों पर मजबूत पैराफिट और क्रैश बैरियर का निर्माण।
पहाड़ी ढलानों पर सुरक्षा दीवारें (रिटेनिंग वॉल) बनाई जाएंगी।
बारिश के पानी की उचित निकासी के लिए नई नालियां और कल्वर्ट्स।
तीखे मोड़ों पर अतिरिक्त साइनेज, रिफ्लेक्टर और स्पीड ब्रेकर।
मरचूला-सराईखेत मार्ग रामनगर से अल्मोड़ा आने-जाने का सबसे छोटा और सुगम रास्ता माना जाता है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क घूमने आने वाले पर्यटक भी इसी सड़क से होकर अल्मोड़ा, रानीखेत और कौसानी की ओर जाते हैं। सड़क के खराब होने से न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी होती थी, बल्कि पर्यटन व्यवसाय को भी नुकसान उठाना पड़ रहा था। अब इस मार्ग के चौड़े और मजबूत होने से यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और सबसे बड़ी बात – दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी।
ग्रामीणों में खुशी की लहर है। सराईखेत के व्यापारी मनोज जोशी ने कहा, “यह सड़क हमारे लिए आर्थिक जीवनरेखा है। सालों से हम इसी के दुरुस्त होने का इंतजार कर रहे थे। केंद्र और राज्य सरकार का धन्यवाद।” वहीं मरचूला के एक स्कूल प्रधानाचार्य ने बताया कि खराब सड़क की वजह से कई बार बसें देरी से पहुंचती थीं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। अब ऐसा नहीं होगा।
मुख्य अभियंता डी.एस. ह्यांकि ने आश्वासन दिया है कि कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले साल गर्मियों तक यह सड़क पूरी तरह चमकने लगेगी और पहाड़ी क्षेत्र में यातायात एक नया मानक स्थापित करेगा।