अल्मोड़ा। अल्मोड़ा नगर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब की रामलीला के द्वितीय दिवस पर धनुष यज्ञ प्रसंग का भव्य मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रसंग को कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय, प्रभावशाली संवादों, सुंदर गायन और आकर्षक मंचन के माध्यम से प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। रामलीला परिसर में उपस्थित दर्शकों ने पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ मंचन का आनंद लिया। प्रभु श्रीराम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, अल्मोड़ा की अध्यक्ष श्रीमती मिली लटवाल उपस्थित रहीं। उनके साथ ललित लटवाल, लाला बाजार स्थित लक्ष्मी मेडिकल स्टोर के राघव पंत, होटल मिलम की श्रीमती राधा बिष्ट, जूनियर प्रबंधक संतोष गंगोला तथा कमल शाह अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया और रामलीला के आयोजन में सहभागिता के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

मुख्य अतिथि श्रीमती मिली लटवाल ने श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब की ऐतिहासिक रामलीला की सराहना करते हुए कहा कि रामलीला हमारी धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, मर्यादा, आदर्शों और भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने रामलीला के आयोजन में जुटे कलाकारों, पदाधिकारियों एवं सदस्यों के समर्पण की सराहना की।धनुष यज्ञ का प्रसंग रामलीला के प्रमुख एवं आकर्षक प्रसंगों में से एक है। जनकपुर में माता सीता के स्वयंवर के लिए आयोजित धनुष यज्ञ में अनेक राजा-महाराजाओं द्वारा भगवान शिव के दिव्य धनुष को उठाने का प्रयास किया जाता है, लेकिन कोई भी इसमें सफल नहीं हो पाता। इसके पश्चात गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाते हैं और धनुष भंग हो जाता है। इस प्रसंग के मंचन के दौरान कलाकारों ने संवादों और अभिनय के माध्यम से स्वयंवर की परिस्थितियों, राजा जनक की चिंता, राजाओं के प्रयासों और प्रभु श्रीराम की दिव्यता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
धनुष भंग होते ही रामलीला परिसर में उत्साह का वातावरण बन गया। दर्शकों ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। माता सीता और भगवान श्रीराम के स्वयंवर से जुड़े प्रसंग ने दर्शकों को भारतीय धार्मिक परंपरा और रामचरितमानस में वर्णित आदर्शों से जुड़ने का अवसर दिया। कलाकारों की मेहनत, संवाद अदायगी और गायन ने मंचन को प्रभावशाली बनाया।
श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब की रामलीला अल्मोड़ा की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं में विशिष्ट स्थान रखती है। यह आयोजन केवल धार्मिक मंचन तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक सहभागिता और पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है। इस आयोजन की विशेषता यह है कि संस्था के सदस्य लंबे समय से अपने समय, श्रम और समर्पण के माध्यम से रामलीला को भव्य एवं व्यवस्थित बनाने में योगदान देते आ रहे हैं।
रामलीला के सफल आयोजन में संस्था अध्यक्ष धरनीधर पांडे, सचिव विनीत बिष्ट तथा पूर्व सभासद एवं रामलीला संयोजक राजेंद्र तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन से जुड़े सदस्यों ने पात्रों की तैयारी, रूप-सज्जा, मंच व्यवस्था, अनुशासन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में योगदान दिया।
कार्यक्रम की तैयारियों एवं विभिन्न व्यवस्थाओं में त्रिभुवन गिरी, हर्षवर्धन वर्मा, मीनाक्षी साह अग्रवाल, मीनाक्षी जोशी, ललित मोहन साह, मनोज साह, भारत गोस्वामी, कंचन बिष्ट, विजय चौहान, कैलाश साह एवं कारीगरों ने सहयोग किया। इसके अतिरिक्त अभय उप्रेती, मनिंकरण गुप्ता, मानस वाणी, पारस, रोहित साह, हरेंद्र वर्मा, चंद्रशेखर कांडपाल, जगत मोहन जोशी, अभय साह, विनोद गिरी एवं श्री मिश्रा ने भी आयोजन में योगदान दिया।
इसी क्रम में चंदन आर्या, गौरव तिवारी, विजय चौहान, आकांक्षा, नीलम भट्ट, गीता तिवारी, हर्षिता तिवारी, अजय साह, श्री अंडोला, संजय साह, कमल वर्मा, प्रेम प्रकाश, सुंदर जनौटी, हिमांशु कांडपाल, मनोज जोशी, कैलाश साह, योगेश जोशी एवं अभय उप्रेती सहित अन्य सदस्यों ने विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। रूप-सज्जा एवं मंचन को प्रभावशाली बनाने में कलाकारों और सहयोगियों की भूमिका सराहनीय रही।
रामलीला के दौरान अनुशासन व्यवस्था की जिम्मेदारी अजय चौहान एवं दीवान बिष्ट ने संभाली। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रीति भट्ट ने किया। उनके संचालन ने कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।दर्शकों के उत्साह और सहभागिता को बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम के अंत में प्रतिदिन की भांति लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया। लकी ड्रॉ में भाग्यशाली रहे 10 दर्शकों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस पहल से रामलीला देखने पहुंचे लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
हुक्का क्लब की ओर से दर्शकों को रामलीला से जोड़ने तथा उनके अनुभव को और अधिक यादगार बनाने के लिए प्रतिदिन लकी ड्रॉ के माध्यम से पुरस्कार वितरित किए जा रहे हैं। दर्शकों ने इस पहल की सराहना की।संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि हुक्का क्लब की रामलीला अल्मोड़ा की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी का सामूहिक दायित्व है। वर्षों से इस परंपरा से जुड़े वरिष्ठ सदस्यों के अनुभव, कलाकारों का समर्पण और नगरवासियों का सहयोग ही इसकी वास्तविक शक्ति है। रामलीला का प्रत्येक प्रसंग समाज को मर्यादा, कर्तव्य, सत्य, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।क्लब की ओर से नगरवासियों से अपील की गई कि वे अधिक से अधिक संख्या में अपने परिवार सहित रामलीला में पहुंचें, कलाकारों का उत्साहवर्धन करें और अल्मोड़ा की इस ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग प्रदान करें। संस्था ने सभी अतिथियों, दर्शकों, कलाकारों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए आगामी दिनों में भी इसी उत्साह और सहभागिता के साथ रामलीला में पहुंचने का आग्रह किया।