नानकमत्ता 05 मार्च। थारू जनजाति की पहली लोक गायिका रिंकू राणा का गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई है। मायके से होली मनाकर स्कूटी से अपने घर लौट रही रिंकू राणा की गुरुवार को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। साथ ही इस दुखद घटना से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। उत्तराखंड स्थित नौगजा, कल्याणपुर निवासी जनजाति की प्रसिद्ध लोक गायिका रिंकू राणा (33) पत्नी महेश राणा होली खेलने स्कूटी से अपने मायके गांव बिचपुरी खैरना गई थी। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जब वह सड़क किनारे स्कूटी खड़ी कर किसी से बात कर रही थी। गायिका रिंकू के साथ उनकी भतीजी जिया राणा भी थी। तभी तेज गति से आ रहा ईंटों से ओवर लोड ट्रैक्टर ट्रॉली चालक ने उनको टक्कर मार दी।
चालक ट्रैक्टर ट्रॉली छोड़कर भागा
दुर्घटना में रिंकू राणा गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली चालक मौके से भाग गया। आस-पास के लोगों ने घायल रिंकू राणा को उप जिला अस्पताल सितारगंज पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी भतीजी की हालत सामान्य है।
रिंकू का है एक बेटा
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी व ट्रैक्टर ट्रॉली अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेज दिया है। परिजनों ने बताया कि रिंकू का एक बेटा है, जो चौथी कक्षा में पढ़ता है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थारू जनजाति की प्रसिद्ध लोकगायिका रिंकू राणा की सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक सन्देश में कहा कि लोकसंस्कृति और लोकसंगीत के संरक्षण में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। लोकगायिका रिंकू राणा ने अपने गीतों के माध्यम से थारू समाज की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री ने पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।