अल्मोड़ा के घोड़ीधार में बाघ ने 21 वर्षीय महिला को बनाया अपना निवाला

अल्मोड़ा 03 अगस्त। सोमवार तड़के अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकासखंड स्थित डभरा सौराल के तोक घोड़ीधार से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ एक 21 वर्षीया महिला को बाघ उठाकर ले गया है। ग्रामीणों द्वारा लगातार खोजबीन जारी है और पूरा गांव इस कठिन समय में एकजुट होकर प्रयास कर रहा है। महिला स्वर्गीय घूर सिंह की छोटी बहू बताई जा रही है। इस बीच वन प्रभाग की टीम भी मौके पर पहुँच गई है।

प्रभागीय वनाधिकारी , दीपक सिंह ने बताया कि अल्मोड़ा वन प्रभाग के मोहान रेंज अंतर्गत डभरा सौराल तोक घोड़ीधार क्षेत्र में लगभग 21 वर्षीय एक महिला की वन्यजीव के हमले में मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव बरामद कर लिया गया। घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया जा रहा है तथा उपलब्ध साक्ष्यों, पदचिह्नों एवं अन्य संकेतों के आधार पर यह स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि हमला किस वन्यजीव द्वारा किया गया है। फिलहाल हमला बाघ ने किया है या गुलदार ने इसकी जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता एवं निगरानी बढ़ा दी गई है। क्यूआरटी टीम को सक्रिय कर संवेदनशील स्थलों पर गश्त तेज कर दी गई है। स्थानीय ग्रामीणों को सुबह एवं शाम के समय अकेले जंगल अथवा झाड़ीदार क्षेत्रों में न जाने, बच्चों एवं महिलाओं को समूह में आवागमन करने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर बांधने के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। रात्रिकालीन निगरानी बढ़ाने के साथ ही वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं।

डीएफओ ने बताया कि क्षेत्र में वन विभाग द्वारा 9 किलोमीटर सोलर फेंसिंग का कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन द्वारा पीएमजीएसवाई के माध्यम से समीपवर्ती संवेदनशील क्षेत्रों में भी फेंसिंग कार्य प्रारंभ किया गया है। प्रभावित गांवों में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं तथा नियमित निगरानी एवं त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए पूर्व से गठित व्हाट्सएप समूह सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कॉर्बेट तथा पश्चिमी वृत्त से दो पशु चिकित्सकों को मौके पर तैनात किया गया है। क्षेत्राधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी, क्यूआरटी टीम एवं अन्य अधिकारी क्षेत्र में लगातार मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं तथा ग्रामीणों से वन्यजीव की गतिविधियों के संबंध में नियमित फीडबैक लिया जा रहा है।

डीएफओ दीपक सिंह ने बताया कि मृतका के परिजनों को देय ₹10 लाख की अनुग्रह सहायता की धनराशि के भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। मानव-वन्यजीव संघर्ष की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती एवं अनुवर्ती कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर लगातार की जा रही है।

 

 

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