अल्मोड़ा : कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने जिले में संचालित योजनाओं की प्रगति पर जताया संतोष

योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर दिया जोर

अल्मोड़ा 23 जून। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री (ग्राम्य विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) भरत सिंह चौधरी ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार, अल्मोड़ा में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। विकास भवन पहुंचने पर मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा एवं अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर ग्राम्य विकास विभाग एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। कैबिनेट मंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए स्थानीय महिलाओं एवं समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा इनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, नवाचारी पहलों तथा उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने ग्रामीण विकास, आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार, आधारभूत सुविधाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी मंत्री को दी।

समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जब विभाग एकजुट होकर कार्य करते हैं तो योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है तथा आमजन को अधिकाधिक लाभ मिलता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच ग्राम स्तर तक शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए तथा पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध रूप से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में नवाचार को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

कैबिनेट मंत्री ने विशेष रूप से बैम्बू ग्रास (बांस आधारित परियोजना) को जनपद में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैम्बू ग्रास का उपयोग खेतों की सुरक्षा के लिए प्रभावी बाड़ के रूप में किया जा सकता है, जिससे जंगली जानवरों से फसलों की रक्षा होगी। साथ ही सड़क किनारे इसे विकसित कर क्रैश बैरियर के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दृष्टि से एक उपयोगी पहल साबित हो सकती है। इसके अतिरिक्त बांस आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पहाड़ी जिलों में पर्यटन आजीविका का बहुत बड़ा आधार साबित हो रहा है। होटल और होमस्टे योजना से लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि होम स्टे योजना के तहत चयनित होने वाले लाभार्थियों के लिए होटल एवं हॉस्पिटेलिटी का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से रखा जाए ताकि वे पर्यटकों के लिए एक अच्छा और अनुकूल वातावरण तैयार कर सकें।

उन्होंने जनपद अल्मोड़ा में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों की कार्यशैली की सराहना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार जनहित में कार्य करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि कैबिनेट मंत्री द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मा0 मंत्री द्वारा दिए गए सुझावों एवं निर्देशों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध ढंग से कार्य संपादित करें।बैठक में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री गंगा बिष्ट, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *