देहरादून 25 मई। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने श्री बदरीनाथ-केदारनथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में सामने आए कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले को गंभीर बताते हुए प्रदेश सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी ने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली और धार्मिक संस्थाओं में हो रहे कथित भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े बदरीनाथ और केदारनाथ धामों की व्यवस्था संभालने वाली संस्था में इस प्रकार की नियुक्तियां और अनर्गल भुगतान नैतिकता एवं पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हैं। गोदियाल ने कहा कि बतौर बीकेटीसी अध्यक्ष उन्होंने अपने कार्यकाल में एक आदर्श और नजीर प्रस्तुत करने का प्रयास किया था और बतौर अध्यक्ष बीकेटीसी का कभी एक रुपया तक टी ए/डी ए के रूप में या मानदेय के रूप में नहीं लिया। गोदियाल के अनुसार यह चढ़ावे का पैसा होता है और सिर्फ मंदिर और चार धामों की व्यवस्था में खर्च किया जाना चाहिए किसी और का इस पैसे पर कोई अधिकार नहीं।
उन्होंने कहा कि बीकेटीसी में पहले से पर्याप्त कार्मिक उपलब्ध होने के बावजूद निजी नियुक्तियां किया जाना और शासनादेशों का उल्लंघन कर भत्तों का भुगतान होना चिंताजनक है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने धार्मिक संस्थाओं को भी राजनीतिक संरक्षण और भ्रष्टाचार का माध्यम बना दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी सफाई में यह तर्क की बीकेटीसी में डिजिटल पेमेंट का कोई जरिया नहीं था इसलिए कैश पेमेंट की गई गले नहीं उतरता क्योंकि पूरी चार धाम यात्रा ऑनलाइन ही चल रही है और केदारनाथ मंदिर में क्यू आर प्रकरण को बीते अभी ज्यादा वक्त नहीं हुआ है जब केदारनाथ मंदिर परिसर में मुख्य द्वार पर क्यू आर कोड चंदा उगाही के लिए चस्पा कर दिया गया था।
उन्होंने प्रदेश सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा बीकेटीसी में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।गोदयाल ने बीकेटीसी से भी अपेक्षा की है कि वह उन सभी लोगों से भुगतान की रिकवरी करें जिन पर मंदिर समिति का पैसा खर्च किया गया है। गोदयाल के अनुसार इस पूरे शर्मनाक खुलासे ने भाजपा और आरएसएस के छद्म सनातन प्रेम की कलई खोल कर रख दी है।