विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना का काम चल रहा था तभी पानी और मालवा घुस गया
पीपलकोटी 14 अगस्त। चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (THDC) की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम पानी और मलबा भरने से बड़ा हादसा हुआ है । हादसे के समय सुरंग के भीतर 22 मजदूर मौजूद थे। शुरुआती बचाव के बाद कई मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन मृतकों की संख्या बढ़कर 7 बताई जा रही है, जबकि 6 मजदूर अभी लापता हैं। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सेना, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें सुरंग में फंसे मजदूरों की तलाश में जुटी हैं। सुरंग के भीतर पानी और गाद भरे होने के कारण बचाव अभियान में मुश्किल आ रही है। हादसा पीपलकोटी के पास मायापुर क्षेत्र में करीब 2 किलोमीटर लंबी टेल रेस टनल में हुआ, जहां भूस्खलन के बाद पानी और मलबा अचानक सुरंग में घुस गया। अधिकारियों के मुताबिक, बचाव दल का प्राथमिक लक्ष्य लापता मजदूरों तक पहुंचना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।
मुख्यमंत्री पहुंचे घटनास्थल पर जताया दुःख
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने X पर एक पोस्ट में घटना पर दुख जताया और सभी एजेंसियों को युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने का निर्देश दिया।
सुरंग हादसे में घायलों के नाम जारी
उत्तराखंड के चमोली में हुए सुरंग हादसे में घायलों की पहचान हो गई है। इन घायलों में सुनील दीवान, हाबिल गुड़िया, निस्तार मिंगरा, विनोद राना, दीना बेगरा, खेला राम बिसरा, इंदर सिंह, तिलक राज, चंदन कुमार, अवधेश, नंदलाल, रोहित पांडे (श्रीनगर), पेन सिंह और गोविंद शामिल हैं। इनमें से गोविंद के बारे में अभी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
प्रभावित परिवारों को हर संभव की जाएगी सहायता प्रदान : टीएचडीसी
प्रोजेक्ट निदेशक शरद कुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। उन्होंने बताया कि हमारी पहली प्राथमिकता सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए सभी संसाधनों को पूरी तरह से लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। बताया कि प्रोजेक्ट की मैनेजमेंट टीम भी राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तरह जुटी हुई है। प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राहत कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता। बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और अन्य फंसे हुए लोगों को निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।