चंडीगढ़ 25 जून। उत्तराखंड में एक बार फिर निहंग सिखों का बवाल देखने को मिल सकता है. सूत्रों के मुताबिक, चंडीगढ़ से सैकड़ों की संख्या में सिखों का जत्था उत्तराखंड की तरफ रवाना हो चूका है। गुरुवार को पंजाब से सैकड़ों निहंग सिखों का जत्था कर्णप्रयाग के लिए रवाना हो गया है। पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में मोहाली में श्रद्धालु एकत्रित हुए और 25 जून को कर्णप्रयाग पहुंचने के अल्टीमेटम के बाद हलचल बढ़ गई है।
इस बीच उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सभी सीमावर्ती बॉर्डरों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दी है। कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस के साथ अर्धसैनिक बल ने मोर्चा संभाल लिया है। बॉर्डर से गुजरने वाले सभी वाहनों की तलाशी ली जा रही है. निहंगों के दोपहर 3 बजे तक कुल्हाल बॉर्डर पर जत्थे के पहुंचने की संभावना है. कुछ दिन पहले रुद्रप्रयाग में एक नगरासु गुरुद्वारा पर निहंगों ने कब्जा कर लिया था. कुछ दिनों के बाद हुए समझोते के चलते निहंगों ने गुरुद्वारा को कब्जा मुक्त कर दिया और वापस पंजाब लौट गए।
गरासू गुरुद्वारा प्रकरण को लेकर रुद्रप्रयाग में जनाक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है. मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गुलाबराय मैदान में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जन संगठनों की एक जनसभा आयोजित की. सभा में यूकेडी, स्वाभिमान मोर्चा सहित कई संगठनों ने नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण को गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग उठाई. वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक क्षेत्र विशेष का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और जनभावनाओं से जुड़ा विषय है. उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का आह्वान किय।